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Saturday, 12 November 2011

ठिकाना.........

1 comment:

मदन शर्मा said...

हे अचल, अविनाशी भोले
हमको तेरी शरण मिले
करुणामय, हे रूद्र, महेश्वर
मन में प्रेम की ज्योत जले
bahut sundar post hai ..
badhai aapko bhi dost,